What is power Bank in Hindi? पावर बैंक क्या है, कैसे काम करता है?

अगर आप किसी ऐसे स्थान पर हैं जहां पर बिजली नहीं है और आपके फोन की बैटरी खत्म होने वाली ही तो ऐसे में आप क्या करेंगे? ऐसी स्थिति में एक पावर बैंक आपके फ़ोन को चार्ज करने में आपकी मदद कर सकता है। दोस्तों आखिर यह पावर बैंक क्या होता है, और आखिर यह कैसे काम करता है?

आपके मन में Power Bank से संबंधित ऐसे कई प्रश्न होंगे, आपके इन्हीं सवालों के जवाब आपको आज इस लेख में मिलने वाले हैं।


What is Power Bank in Hindi? (पावर बैंक क्या होता है)

what is power bank in hindi


पावर बैंक एक छोटे बॉक्स के समान दिखने वाला एक पोर्टेबल डिवाइस होता है, जिसकी मदद से आप अपने फ़ोन को चार्ज कर सकते हैं। पावर बैंक में भी एक बैटरी होती है, लेकिन यह आपके फ़ोन की बैटरी की तुलना में बड़ी होती है।

पावर बैंक को आपको इस्तेमाल करने के लिए आपको इसे चार्ज करके रखना होता है, एक बार इसे चार्ज करने के बाद आप जरूरत पड़ने पर इससे अपने फोन या अन्य किसी डिवाइस जो USB Charging सपोर्ट करता है, उसे चार्ज कर सकते हैं।

पावर बैंक को एक बार चार्ज करने के बाद आप इससे कितने फ़ोन चार्ज कर सकते हैं, यह इसकी बैटरी की क्षमता पर निर्भर करता है और जब यह डिस्चार्ज हो जाये तो दुबारा इस्तेमाल के लिए आप इसे फिर से चार्ज करके रख सकते हैं। अब आपको समझ आ गया होगा की आखिर Power Bank क्या है।


पावर बैंक किस तरह से काम करता है?

पावर बैंक के बारे में जानने के बाद आपके मन में यह सवाल आया होगा कि एक पावर बैंक कैसे काम करता है। दोस्तों पावर बैंक में एक बैटरी लगी होती है जो कि पावर स्टोर करने का काम करती है। बैटरी के अलावा इसमें सर्किट्स लगे होते हैं जो पावर बैंक में ऊर्जा के प्रवाह को निश्चित करते हैं।

एक पावर बैंक अधिकतम कितनी पावर स्टोर कर सकता है यह पहले ही निश्चित होता है। दोस्तों पावर बैंक में एक इनपुट ओर एक आउटपुट पोर्ट होता है जो कि पावर सप्लाई का काम करते हैं। इनपुट पोर्ट का उपयोग पावर को स्टोर करने के लिए किया जाता है।

जब पावर बैंक को चार्ज किया जाता है तब पावर सप्लाई इसी आउटपुट पोर्ट के माध्यम से होती है। पावर बैंक में आउटपुट पोर्ट का उपयोग अन्य डिवाइस चार्ज करने के लिए होता है। जब हम पावर बैंक से होने या फिर कोई और डिवाइस चार्ज करते हैं तब आउटपुट पोर्ट के माध्यम से पावर सप्लाई होती है।

आजकल के ऐसे पावर बैंक भी आ रहे हैं जिनमे 1 से ज्यादा आउटपुट पोर्ट होते हैं, ऐसे पावर बैंक के इस्तेमाल से यूजर एक ही समय मे पावर बैंक से 1 से ज्यादा डिवाइस चार्ज कर सकता है।


पावर बैंक को कैसे बनाया जाता है?

जब हम किसी नयी तकनीक के बारे में जानते हैं तो उसे बनाने की उतुस्कता भी हमारे मस्तिष्क में आ जाती है। दोस्तों पावर बैंक बनाने के लिए आपको तकनीकी ज्ञान होना आवश्यक है। पावर बैंक जो बनाने से पहले यह निश्चित किया जाता है कि पावर बैंक को कितनी mAh क्षमता का बनाना है, उतनी ही mAh की बैटरी इसमें डाली जाती है।

सबसे पहले पावर बैंक की बॉडी को बनाया जाता है, इसके लिए ज्यादातर प्लास्टिक का उपयोग किया जाता है। पावर बैंक की बॉडी बनाने के बाद इसमें बैटरी, सर्किट्स, और आवश्यक पोर्ट्स लगाए जाते हैं जिससे यह काम करता है।

इसके अलावा पावर बैंक में LED लाइट् भी लगाई जाती है जो कि पावर बैंक के चार्ज ओर डिस्चार्ज होने की स्थिति बताती है। इस तरह से एक पावर बैंक का निर्माण होता है। यहाँ पर आपको पावर बैंक के निर्माण को सरल भाषा में समझाया गया है। पावर बैंक बनाने का सम्पूर्ण ज्ञान लेने के लिए आपको तकनीकी ज्ञान होना बहुत आवश्यक है।


पावर बैंक को कैसे चार्ज करें?

Power Bank क्या है यह जानने के बाद आपको समझ आ गया होगा की यह एक बहुत ही उपयोगी गैजेट है। इसकी मदद से आप जरूरत पड़ने पर अपने फ़ोन को चार्ज कर सकते हो, लेकिन पावर बैंक से फ़ोन को चार्ज करने के लिए आपको पावर बैंक को भी चार्ज करने होता है।

पावर बैंक को चार्ज करना बहुत ही आसान है, चलिए जानते हैं की पावर बैंक को कैसे चार्ज करते हैं। सबसे पहले आप यह पता लगाएं की क्या आपका पावर बैंक वाकई में डिस्चार्ज है और इसे चार्जिंग की आवश्यकता है। पावर बैंक में लगी LED लाइट की मदद से आप पता कर सकते हैं कि आपके पावर बैंक को चार्जिंग की आवश्कयता है या नहीं।

  • पावर बैंक चार्ज करने के लिए पावर बैंक के साथ में एक wall एडाप्टर ओर USB Cable आती है।
  • USB केबल के अंतिम छोर के बड़े हिस्से को आपको wall adapter में लगाना है और दूसरे हिस्से को पावर बैंक में लगाना है।
  • इसके बाद आपको अडॉप्टर को बिजली बोर्ड में लगाना है, और पावर बैंक को चार्ज होने के लिए छोड़ देना है।

अधिकतर पावर बैंक 1 से 2 घंटे में चार्ज हो जाते हैं, तो ध्यान रखें जब आपका पावर बैंक पूरा चार्ज हो जाये तो इसे चार्जिंग पर से हटा लें। इसे कभी भी अनावश्यक चार्ज न करें क्योंकि ऐसा करने पर पावर बैंक की battery life पर असर पड़ता है। इसके अलावा यह भी ध्यान रखें की जब भी आप पावर बैंक से अपने फोन को चार्ज पर लगाएं तो इसे चार्ज होने पर निकाल लेवें, अगर आप मोबाइल को पावर बैंक में ही जुड़ा हुआ छोड़ देंगे तो यह आपके पावर बैंक फ़ोन गर्म होने का कारण बन सकता है।  


पावर बैंक का अविष्कार किसने किया था?

दोस्तों क्या आपको पता है सबसे पहला पावर बैंक किस देश का है और किसने बनाया था? आपको बता दें की सबसे पहला पावर बैंक एक चीनी कंपनी द्वारा साल 2001 में बनाया गया था। पावर बैंक बनाने वाली उस चीनी कंपनी को Pisen के नाम से जाना जाता है।

पावर बैंक बनाने की तकनीक उस समय ज्यादा विकसित नहीं थी, इसलिए Pisen द्वारा बनाया गया वह पावर बैंक थोड़ा भारी था और साथ ही उसमें power store करने की क्षमता भी कम थी। वर्तमान में तकनीकी काफी विकसित हो गयी है।

नए जमाने के पावर बैंक हल्के और कॉम्पैक्ट होते हैं, इनमें पावर स्टोर करने की क्षमता भी ज्यादा होती है।आजकल मोबाइल फ़ोन की बैटरियां ही इतनी ज्यादा क्षमता की आती है कि एक बार चार्ज करने के बाद आपका फ़ोन आसानी से 1 से 2 दिन तक बिना चार्ज किये चल सकता है।


पावर बैंक खरीदते समय यह जरूर ध्यान रखें

अगर आप एक पावर बैंक खरीदने वाले हैं तो एक बेहतर पावर बैंक खरीदने के लिए आपको कई बातों को ध्यान में रखना पड़ता है। चलिए जानते हैं पावर बैंक खरीदते समय एक पावर बैंक में आपको क्या-क्या देखना चाहिए।


पावर बैंक की Capacity कितनी है?

जब बात पावर बैंक खरीदने की हो तो उसकी capacity पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाता है। पावर बैंक अलग-अलग capacity के साथ आते हैं तो सबसे पहले आपको यह डिसाइड करना है कि आपको कितनी   कैपेसिटी का पावर बैंक चाहिए। पावर बैंक की कैपेसिटी को mAh में नापा जाता है। जितने ज्यादा mAh की बैटरी होगी उतनी ज्यादा पावर बैंक की कैपेसिटी होगी।


कैसे पता करें आपको कितनी Capacity का पावर बैंक चाहिए

इसके लिए सबसे पहले आपको पता करना होगा कि आपके फ़ोन में कितने mAh की बैटरी है, और पावर बैंक से आप उसे कितनी बार चार्ज करेंगे। उस हिसाब से आपको अपनी आवश्यकता से अखित mAh के पावर बैंक का चुनाव करना होगा।

आपको जानकर शायद हैरानी होगी पावर बैंक में जितनी क्षमता आपको बतायी जाती है असल में उसकी 65% क्षमता ही उपयोग में आती है क्योंकि बाकी पावर transmission losses में चली जाती है। इसलिए इस अनुसार से पावर बैंक का चुनाव करें कि वह आपकी जरूरत पूरी हो जाये।

यह भी ध्यान रखें की आप जितनी ज्यादा capacity का पावर बैंक खरीदेंगे उस हिसाब से पावर बैंक चार्ज होने का समय भी ज्यादा होगा।


पावर बैंक की बैटरी का प्रकार कोनसा है?

दोस्तों पावर बैंक में अधिकतर दो तरह की बैटरियों Lithium-polymer और Lithium-ion का उपयोग होता है। इनमें अंतर सिर्फ इतना है कि Li-Po बैटरी Li-ion बैटरी की तुलना में काफी हल्की होती है। दोनों ही बैटरियों में चार्जिंग स्पीड समान है। आपको बता दूं कि Li-ion बैटरी एक पुरानी टेक्नोलॉजी पर आधारित है इसीलिए वर्तमान में ज्यादातर पावर बैंक्स में Li-Po बैटरी का उपयोग हो रहा है।


पोर्ट्स कितने हैं?

सभी पावर बैंक में काम से कम एक इनपुट ओर एक आउटपुट पोर्ट होते ही हैं लेकिन आजकल के पावर बैंक ऐसे भी आते हैं जिनमें एक से ज्यादा आउटपुट पोर्ट होते हैं। एक अतिरिक्त पोर्ट की मदद से आप एक समय में दो डिवाइस चार्ज कर पाएंगे।


पोर्टेबिलिटी कैसी है?

पावर बैंक पोर्टेबल होने चाहिए ताकि आप उसे आसानी से कही भी ले जा पाएं। एक भारी पावर बैंक के बजाय एक हल्का पावर बैंक ज्यादा अच्छा होता है, क्योंकि एक हल्के पावर बैंक को आप आसानी से कही भी ले जा पाएंगे।


वारण्टी पीरियड कितना है?

पावर बैंक खरीदते समय आपको वारंटी पीरियड का भी ध्यान रखना चाहिए। दोस्तों अलग-अलग पावर बैंक में वारंटी पीरियड भी अलग होता है, इसलिए ध्यान रखें कि जब आप पावर बैंक खरीदें तो पावर बैंक की वारंटी पीरियड के बारे में भी पता करें।


पावर बैंक के फायदे क्या हैं?

एक पावर बैंक अपने आप में बहुत ही फायदेमंद होता है। पावर बैंक से जुड़ी कुछ फायदेमंद बातें निम्न हैं।

  • पावर बैंक बहुत ही उपयोगी होता है जब भी आपके घर में बिजली नहीं होती तो आप पावर बैंक की मदद से अपने डिवाइस को चार्ज कर सकते हैं। 
  • यह पोर्टेबल होते हैं जिन्हें आप आसानी से अपने साथ कहीं भी ले जा सकते हैं।
  • अगर आपके पास पावर बैंक है तो आपको कहीं भी अपने फ़ोन की अतिरिक्त बैटरी साथ ले जाने की जरूरत नहीं हैं, क्योंकि जब भी आपको जरूरत हो तो आप पावर बैंक से अपने फ़ोन को चार्ज कर पाएंगे।
  • आप बिना चिंता करे ट्रेवल कर सकते हैं क्योंकि आपके पास पावर बैंक है, फ़ोन डिस्चार्ज होने पर आप पावर बैंक से आसानी से अपने फ़ोन को कहीं भी चार्ज कर सकते हैं।


Conclusion

दोस्तों पावर बैंक वाकई में एक कमाल का गैजेट है। जहाँ बिजली न हो और आपको अपना डिवाइस चार्ज करना हो तो ऐसे में पावर बैंक बहुत मददगार साबित होता है। खासकर उन लोगों के लिए जो अक्सर यात्रा करते हैं, उनके लिए तो पावर बैंक बहुत ही उपयोगी है।

इस लेख के माध्यम से हमने पावर बैंक क्या होता है, कैसे काम करता है और भी कई बातें समझी है। मुझे उम्मीद है इस लेख को पढ़ने के बाद Power Bank से संबंधित आपके सवालों के जवाब आपको जरूर मिल गए होंगे। दोस्तों अगर आपके मन में कोई भी सवाल या सुझाव है तो कमेंट करके हमसे अवश्य साझा करें।

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