QR Code Kya Hai, कैसे बनाये और कैसे स्कैन करे – पूरी जानकारी

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आज हम जानेंगे QR Code kya hai आपने अक्सर ऑनलाइन शॉपिंग या ऑनलाइन पेमेन्ट करते समय QR Code का इस्तेमाल किया होगा। क्या आप जानते है, QR Code kya hota hai और QR Code full form क्या होती है। अगर नहीं तो आज का यह आर्टिकल QR Code in hindi आपके लिए ही है। इस आर्टिकल में हम आपको क्यूआर कोड से सम्बन्धित सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करेंगे।

आजकल की इस डिजिटल दुनिया में जहां सब काम ऑनलाइन किए जाते है, इसमें क्यूआर कोड बहुत प्रचलित है। चाहे किसी बारे में कोई जानकारी देनी हो या फिर किसी चीज को स्कैन करके उसके बारे में जानकारी प्राप्त करनी हो। आपने अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भी कई चीजों पर इन्हें देखा होगा। खाने-पीने की चीजों और अन्य कामों के लिए यूज किए जाने वाले उत्पादों के पैकेट पर भी आपने अक्सर एक काले कलर की वर्गाकार आकृति देखी होगी। यदि आप इसे स्कैन करते है, तो आपको उस उत्पाद के बारे में जानकारी प्राप्त हो जाती है।

QR Code का पूरा नाम क्या है (QR Code full form in Hindi)

QR Code की फुल फॉर्म “Quick Response Code” होती है।

क्यूआर कोड का अर्थ क्या है (Meaning of QR Code in Hindi)

क्यूआर कोड का हिन्दी अर्थ “त्वरित प्रतिक्रिया संकेतावली” होता है। मतलब कि एक ऐसा कोड जो यूज करते ही तुरन्त प्रतिक्रिया दे।

QR Code क्या है (What is QR Code in Hindi)

QR Code एक चौकोर आकार की छोटी आकृति में पिक्सेल की एक श्रृंखला होती है, जिसमें बहुत सारा डेटा संग्रहीत हो सकता है। इस डेटा में कोई टेक्स्ट, फोन नम्बर या किसी वेबसाइट का यूआरएल, किसी उत्पाद की जानकारी या अन्य किसी भी प्रकार की जानकारी हो सकती है, जो कि 4,000 अक्षरों या 7089 अंकों तक हो सकती है। क्यूआर कोड को स्कैन करते ही उस क्यूआर कोड में उपस्थित जानकारी तुरन्त ही उपयोगकर्ता तक पहुंच जाती है, इसलिए इसे त्वरित प्रतिक्रिया कहा जाता है।

क्यूआर कोड BARCode का अपग्रेड वर्जन है। QR Code Scanner मशीन या स्मार्टफोन में अंतर्निहित क्यूआर पाठक से स्कैन करके ही इस जानकारी को डिक्रिप्ट कर सकते है। क्यूआर कोड की आकृति क्षैतिज और लंबवत दोनों तरह की हो सकती है। Quick Response Code एक प्रकार के Readable Machine Labels होते है, जिन्हें किसी भी व्यक्ति द्वारा पढ़ा जा सकता है। इन्हें केवल कम्प्यूटर या फिर किसी टेक्निकल मशीन के द्वारा ही स्कैन किया जा सकता है। क्यूआर कोड को ऊपर से नीचे और दाएं से बाएं किसी भी दिशा से पढ़ा जा सकता है। इस कारण उपयोगकर्ता इसे किसी भी तरफ से स्कैन कर सकते है और इसी कारण से इसमें अन्य बार कोड से अधिक डेटा रखने की क्षमता होती है।

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क्यूआर कोड की संरचना कैसी होती है (Structure of QR Code in Hindi)

QR Code एक वर्गाकार आकृति में बहुत सारे काले रंग के वर्गाकार बिंदुऔं से मिलकर बना होता है। इन वर्गाकार बिंदुऔं से मिलकर आकृति में जानकारी छिपी होती है, जिसे सामान्य आखों से पढ़ना असम्भव है। यूजर चाहे तो इसे काले रंग का न बनाकर किसी दुसरे कलर का भी बना सकता है। इसके साथ ही आप इसे अपनी जरूरत के अनुसार इन्हें कस्टमाईज भी कर सकते है। जिस क्यूआर कोड विवरण में जितने ज्यादा अक्षर और संख्या व जानकारी का प्रयोग होगा, उसमे उतने ही ज्यादा ब्लैक बिंदु होंगे। यहाँ नीचे दी गई फोटो से आप क्यूआर कोड की संरचना का पता लगा सकते है।

QR Code Kya Hai
QR Code Kya Hai

QR Code का इतिहास (History of QR Code in Hindi)

QR Code का अविष्कार सबसे पहले 1994 में टोयोटा ग्रुप की Denso-Wave नामक एक जापानी Subsidiary कम्पनी ने किया। इसके निर्माण का मुख्य उद्देश्य उस कम्पनी के विभिन्न पार्ट्स को ट्रैक करने का था। लेकिन धीरे-धीरे इसकी उपयोगिता बढ़ने लगी और इसका उपयोग अन्य कामों के लिए भी किया जाने लगा। लेकिन उस समय इसे स्कैन करने के लिए एक विशेष स्कैनर की आवश्यकता पड़ती थी, जो कि इसके लिए ही बनाया गया था। इसके काफी समय बाद सन् 2002 में जापान में ही पहली बार बिल्ट-इन क्यूआर रीडर वाले स्मार्टफोन का उपयोग क्यूआर कोड को स्कैन करने में किया और इस तरह समय के साथ इसका उपयोग बढ़ता गया।

QR Code कितने प्रकार के होते है (Types of QR Code in Hindi)

QR Code को इसकी संरचना, उपयोग और उद्देश्यों के आधार पर दो भागों में बाँटा गया है, जो कि निम्नलिखित है।

Static QR Code

स्टैटिक अर्थात स्थिर क्यूआर कोड का उपयोग टीवी विज्ञापन, अखबार, पत्रिका, पोस्टर्स आदि में सार्वजनिक सूचनाओं को प्रकाशित करने के लिए किया जाता है। इस प्रकार के क्यूआर कोड में एक बार किसी जानकारी को डाल देने के बाद उसे बदला नहीं जा सकता इसी कारण इसका नाम स्थिर बारकोड रखा गया। इसका इस्तेमाल उन जगहों पर किया जाता है,जहाँ इसे Update करने की जरूरत न पड़े। इस कोड में केवल सीमित जानकारी ही ऐड की जाती है। इस क्यूआर कोड के निर्माता स्कैन करने वाले व्यक्ति के बारे में पता लगा सकता है कि कोड किस डिवाईस से और कितनी बार स्कैन किया गया।

Dynamic QR Code

डायनामिक या गतिशील क्यूआर कोड को प्रकाशित करने के बाद इसमें समय-समय पर बदलाव भी किया जा सकता है इसलिए इसे Unique QR Code भी कहा जाता है। यह एक प्रकार का लाइव क्यूआर कोड होता है। स्थिर क्यूआर कोड की तुलना में गतिशील क्यूआर कोड में अधिक जानकारी स्टोर की जा सकती है। इस कोड का निर्माता कोड को स्कैन करने वाले यूजर के बारे में कई प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकता है, जैसे कि स्कैन करने वाले का नाम, उसकी ईमेल आईडी, कोड कितनी बार स्कैन, कन्वर्सेशन रेट कितनी रही आदि।

क्यूआर कोड के बारे में इतना जानने के बाद आपको यह भी जानना आवश्यक है कि एक क्यूआर कोड में अधिकतम कितना डाटा स्टोर किया जा सकता है। तो आइये जानते है एक क्यूआर कोड की स्टोरेज क्षमता कितनी होती है।

QR Code की Data Capacity कितनी है?

क्यूआर कोड में आप कई प्रकार का डाटा स्टोर करके रख सकते है और हर प्रकार के डाटा की स्टोरेज क्षमता अलग होती है, जो कि निम्नलिखित है।

  • अधिकतम 4,296 अक्षर (Alphanumeric Words) तक शामिल कर सकते है।
  • अधिकतम 7089 संख्या (Numerical Words) तक शामिल कर सकते है।
  • यदि जानकारी बाइनरी भाषा (Binary-8 bits) में हो तो आप अधिकतम 2,953 bytes तक शामिल कर सकते है।
  • लेकिन यदि जानकारी Kanji, full-width Kana भाषा में हो, तो आप केवल अधिकतम 1,817 Characters तक ही शामिल कर सकते है।

आइये अब जानते है कि QR Code कैसे बनाये।

QR Code कैसे बनाये (How to Create QR Code in Hindi)

इन्टरनेट पर ऐसे कई सारी एप्लीकेशन उपलब्ध है जिनका यूज कर आप बस कुछ मिनटों में बड़ी ही आसानी से अपना क्यूआर कोड बना सकते है। इसे बनाने के लिए आपको सबसे पहले प्ले स्टोर से एक एप्प डाउनलोड कर लेना है और फिर इसके बाद नीचे बताए गए स्टेप्स फॉलो करने है।

  • सबसे पहलेफोन में इनस्टॉल किया हुआ QR Code Generator App ओपन करे।
  • अब आप इस क्यूआर कोड के माध्यम से जो जानकारी देना चाहते है, उसे ऐड करे।
  • आखरी में Create QR Code के बटन पर क्लिक करे।

इस तरह आप आसानी से अपना QR Code Generate कर सकते है।

QR Code कैसे स्कैन करे (How to Scan QR Code in Hindi)

QR Code को स्मार्टफोन से स्कैन करने के लिए आपको एक QR Code Scanner Application की जरूरत पड़ती है, तो इसके लिए प्ले स्टोर पर कई सारे एप्लीकेशन उपलब्ध है। इनमें से किसी भी एक एप्प को डाउनलोड कर ले और फिर नीचे बताए गए स्टेप्स को फॉलो करे।

  • सबसे पहले एप्प ओपन कर ले। जैसे ही आप एप्प ओपन करते है आपका स्कैनर स्टार्ट हो जाता है।
  • अब जिस QR Code को स्कैन करना है तो अपने मोबाईल फोन के कैमरे को पॉईंट करे कि पूरा कोड उसमें स्कैन हो सके।

स्कैन करते ही आप उस जानकारी तक पहुंच जाएंगे जो उस क्युआर कोड में दी हुई होगी।

QR Code की विशेषताएँ क्या है (Characteristics of QR Code in Hindi)

  • क्यूआर कोड ऑनलाइन पेमेंट को आसान बनाता है।
  • डिजिटल भाषा में लिखे होते है, बिना स्कैनर के इस कोड को डिक्रिप्ट नहीं किया जा सकता।
  • इसके द्वारा आप बिना किसी को अपना नम्बर बताये SMS भेज सकते है।
  • क्यूआर कोड का कुछ हिस्सा कटने-फटने या खराब होने पर भी यह काम करता है।
  • इस कोड को किसी भी एंगल से स्कैन किया जा सकता है।
  • क्यूआर कोड का उपयोग करने पर किसी वेबसाइट में लॉग ईन करने के लिए बार-बार पासवर्ड डालने की जरूरत ही नहीं।
  • इसे आप चाहे उतनी बार बना सकते है और जितनी बार चाहे उतनी बार स्कैन कर सकते है। यह असीमित है।
  • इस कोड की स्टोरेज क्षमता इतनी होती है कि इसमें आसानी से बड़ी Files, Photosऔर Videos भी आसानी से स्टोर की जा सकता है।

QR Code के उपयोग क्या है (Uses of QR Code in Hindi)

वर्तमान में क्यूआर कोड बहुत प्रचलन में है। निजी हो या सार्वजनिक लगभग हर क्षेत्र में यह बहुत उपयोगी है। नीचे हमने कुछ ऐसे ही कार्यों का वर्णन किया गया है, जिनमे QR Code का इस्तेमाल किया जाता है।

  • इसे एक बिजनेस कार्ड के रूप में इस्तेमाल कर सकते है।
  • क्यूआर कोड को Google Maps और GPS के जरिये लिंक कर Location पता करने के लिए इस्तेमाल कर सकते है।
  • क्यूआर कोड में किसी वस्तु या उत्पाद के बारे में जानकारी देने और उस उत्पाद को Promote भी कर सकते है।
  • क्यूआर कोड का उपयोग डिस्काउंट कोड के रूप में भी किया जा सकता है।
  • क्यूआर कोड का इस्तेमाल किसी मैसेज को शेयर करने के लिए भी किया जा सकता है।
  • QR Code का उपयोग E-Mail भेजने के लिए भी किया जाता है, मेल में सेंड किए गए QR Code को स्कैन करके ही मैसेज Open कर सकते है।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स टिकट्स, कूपन आदि के रूप में।
  • रेफरल लिंक के रूप में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • किसी वेबसाइट पर डायरेक्ट लॉग-इन करने के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है।
  • क्यूआर कोड का उपयोग ऑनलाइन पेमेंट के लिए भी किया जाता है, E-Wallet, Google Pay, PhonePe, Paytm, FASTag, BHIM UPI और Whatsapp Payments आदि इसके बेहतरीन उदाहरण है।
  • किसी भी प्रकार का डाटा स्टोर करने के लिए। इसमें Files, Photos और Videos आदि शामिल हो सकते है।
  • क्यूआर कोड में किसी Website का URL डाल सकते हैं, ताकि उसे स्कैन करने पर यूजर सीधे उस Website में Redirect हो जाए।
  • किसी डिवाइस या एप्प को लिंक करने के लिए। जैसे की व्हाट्सएप्प को किसी डिवाइस से लिंक करने के लिए व्हाट्सएप्प वेब लिंक का इस्तेमाल किया जाता है।
  • बिक्री के क्षेत्र में मार्केटिंग, विज्ञापन, सूची नियंत्रण, बिक्री प्रबंधन जैसे कई कामों में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • उद्योग क्षेत्र में उत्पादों और आपूर्ति पर कड़ी नजर रखने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • ई-कॉमर्स क्षेत्र में ऑनलाइन डिलीवरी और डाक सेवाओं में भी पार्सल ट्रैक करने के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल होता है।

इस प्रकार आजकल कई कामों के लिए खासकर ऑनलाइन पेमेन्ट करने के लिए भी काफी क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या इसका इस्तेमाल सुरक्षित है और अगर नहीं तो इसका क्या कारण है? तो आइये जानते है इसके बारे में।

क्या क्यूआर कोड का इस्तेमाल सुरक्षित है?

QR Code के इस्तेमाल से कई काम आसानी से तो हो जाते है लेकिन कभी-कभी आपको यह सुविधा महंगी पड़ सकती है। इसमें दी गई जानकारी एक कोड के रूप में होती है, जिसे आप बिना स्कैन करे पता नहीं लगा सकते। यदि कोई व्यक्ति अथवा हैकर इसमें जानकारी के रूप में कोई ऐसी कूट डाल देता है, जो कि आपके लिए असुरक्षित हो तो इसके कारण आपकी निजी सुरक्षा पर कोई आंच आ सकती है।

इसलिए किसी भी QR Code को स्कैन करने से पहले अगर सम्भव हो तो उसे प्रकाशित करने वाली संस्था और लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त कर ले। विश्वासपात्र व्यक्ति या संस्था द्वारा प्रकाशित क्यूआर कोड ही स्कैन करे और स्कैन करने के बाद प्राप्त जानकारी को अच्छी तरह से वेरीफाई करके ही आगे की प्रक्रिया करे। जहाँ तक सम्भव हो क्युआर कोड का इस्तेमाल कर भुगतान करने से बचे। अपने बैंक सम्बन्धी व अन्य गोपनीय जानकारी न दे।

QR Code के फायदे क्या है (What is Advantage of QR Code in Hindi)

QR Code से होने वाले फायदे कुछ इस प्रकार है।

  • समय, वस्तु को ट्रैक करने में आसानी।
  • नष्ट होने का खतरा न के बराबर होता है।
  • किसी भी एंगल से स्कैन कर सकते है।
  • क्यूआर कोड ऑनलाइन पेमेंट को आसान बनाता है, कैश लेकर घूमने का झंझट नहीं रहता।
  • अपना नम्बर बिना किसी के साथ शेयर करें कोई भी मैसेज शेयर कर सकते है।
  • बहुत सारे व्यक्तियों को सार्वजनिक या निजी रूप से कोई जानकारी देने हो तो मैन्युअल रूप से जानकारी पहुंचाने की तुलना में लोगों तक उस जानकारी को पहुंचने का एक तेज और अधिक सहज तरीका प्रदान करता है।

जैसा कि हर चीज के कुछ फायदे होते है तो कुछ नुकसान भी होते है। इसी तरह एक तरफ जहाँ QR Code के इतने सारे फायदे है तो इसके साथ ही इसके कुछ नुकसान भी हो सकते है, जो कि इस प्रकार है।

QR Code के नुकसान क्या है (What is Disadvantage of QR Code in Hindi)

जैसा कि हमने पहले बताया क्यूआर कोड के उपयोग से आपको कभी सिक्योरिटी सम्बन्धित नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि इसे देखकर आप यह पता नहीं लगा सकते कि इसमें किस प्रकार की जानकारी छुपी है और यदि कोई दुर्भावनापूर्ण जानकारी हो और आप उसे स्कैन कर लेते है तो स्कैन करते ही आप उस जानकारी तक पहुंच जाते है। इस प्रकार कोई हैकर आपका फोन भी हैक कर सकता है। इस प्रकार यह किसी भी यूजर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

QR Code और Bar Code में क्या अन्तर है (QR Code vs Barcode in Hindi)

क्यूआर कोड को बारकोड की तुलना में अधिक पसंद किया जाता है। इनमें काफी असमानताएँ है, जिनके आधार पर आप इनकी तुलना करके खुद यह पता लगा सकते है कि इनमें क्या अन्तर है और दोनों में से कौनसा बेहतर है।

  • QR Code में Bar code से कई गुना ज्यादा डाटा स्टोर किया जा सकता है।
  • बार कोड एक पारम्परिक कोड है कि क्यूआर कोड बार कोड का अपग्रेड वर्जन है।
  • क्यूआर कोड वर्गाकार आकृति का होता है जबकि बारकोड की आकृति क्षैतिज लाईन वाली होती है।
  • क्यूआर कोड बारकोड की तुलना में अधिक तेजी से स्कैन होता है।
  • क्यूआर कोड को किसी भी दिशा से स्कैन किया जा सकता है जबकि बारकोड को केवल एक ही दिशा अर्थात बाएं से दायें की ओर ही स्कैन किया जाता है।
  • क्यूआर कोड के कटने–फटने पर भी इसे स्कैन कर सकते है लेकिन अगर बारकोड के कटने–फटने पर इसे स्कैन नही किया जा सकता है।

FAQ: QR Code से जुड़े सवाल-जवाब

QR Code का पूरा नाम क्या है?

QR Code का पूरा नाम “Quick Response Code” होता है। इसे हिन्दी में “त्वरित प्रतिक्रिया संकेतावली”कहा जाता है।

क्या हम खुद का क्यूआर कोड जनरेटर कर सकते है?

जी, बिल्कुल आप खुद का क्यूआर कोड जनरेटर कर सकते है, इन्टरनेट पर बहुत सारे क्यूआर कोड जनरेटर एप्प मौजूद है जिनकी सहायता से आप मुफ्त में अपना क्यूआर कोड बना सकते है।

QR Code में किस-किस प्रकार की जानकारी स्टोर कर सकते है?

क्यूआर कोड में वेबसाइट का URL, Text, Files, Photos, Videos, Image-Based Hypertext Link आदि जानकारी स्टोर कर सकते है।

QR Code को विकसित करने का मुख्य उद्देश्य क्या था?

QR Code का उद्देश्य एक ऐसा कोड विकसित करना था जिसे सामान्य आखों से न पढ़ा जा सके।

Conclusion

उम्मीद है आपको हमारा यह आर्टिकल QR Code Kya Hai पसन्द आया होगा और अब आपको समझ भी आ गया होगा कि QR Code Kya Hota Hai आजकल यह बहुत प्रचलन में है। किसी भी प्रकार के ऑनलाइन पेमेन्ट करने में, कोई जानकारी शेयर करने में और भी बहुत सारे कामों में इसका उपयोग किया जाता है। QR Code Scan करते समय आपको सावधानी भी बरतनी होती है, ताकि कोई आपका गलत फायदा नहीं उठा सके।

हमारी इस पोस्ट QR Code in Hindi में क्यूआर कोड से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है, जो आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। आपको यह जानकारी कैसी लगी कमेन्ट करके जरूर बताए और यदि आपका QR Code से जुड़ा कोई भी सवाल हो तो भी आप उसे कमेन्ट करके पूछ सकते है। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि हम आपके सभी सवालों का जवाब दे सके। साथ ही ऐसी नई-नई जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे ब्लॉग Flyhindi को फॉलो करे।

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