BS6 Kya Hai – बीएस-6 इंजन और वाहन की पूरी जानकारी हिंदी में

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वाहनों से बढ़ते हुए प्रदुषण से परेशान होकर भारत सरकार ने बिना BS6 इंजन वाले सभी वाहनों पर बैन लगा दिया है। क्या आप जानते है, BS6 Kya Hai और यह क्यों इतना आवश्यक है। अगर नहीं तो यह जानकरी आपके लिए बेहद खास है। इस पोस्ट में हमने बीएस 6 से जुड़ी हर आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है, जो कि एक वाहन चालक के लिए जानना भी बहुत आवश्यक है। लेकिन BS6 के बारे में जानने से पहले आपको BSES के बारे में कुछ बेसिक जानकारी होना आवश्यक है। तो आइये जानते है कि BSES क्या है।

BSES क्या है (BSES Full Form in Hindi)

BSES की फुल फॉर्म “Bharat Stage Emissions Standards” होती है। यह भारत सरकार द्वारा वायु प्रदुषण को मापने का मानक है। इस मानक द्वारा वाहनों के इंजन से निकलने वाले प्रदुषण को मापा जाता है। यह सभी स्टैंडर्डस Ministry of Environment और Climate change के अंतर्गत कार्यान्वित Central Pollution Control Board के द्वारा सेट किए जाते है। साथ ही कुछ नियम निर्धारित किए गए है, जिनका वाहन निर्माताओं का पालन करना होता है। इन नियमों में, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ईसीयू), इग्निशन कंट्रोल, टेलपाइप उत्सर्जन आदि शामिल है।

BSES की घोषणा सन् 2000 में की गई। इसके बाद BS2, BS3, BS4, BS5 और अब BS6 स्टैंडर्ड को लागु किया गया। वर्तमान में भारत में Bharat Stage 6 (BS6) लागु है। वर्तमान में लागु BS6 Standard को छोड़ दिया जाए तो बाकि बचे मानकों में से BS4 सबसे सफल और सबसे बड़ा रहा जो कि सन् 2017 में लागु किया गया था। BS4 नए उत्सर्जन मानकों के निर्धारित किए गए सभी सुरक्षा पहलू को पूरा करता था। आइए अब जानते है कि BS6 क्या होता है?

BS6 की फुल फॉर्म क्या है (BS6 Full Form in Hindi)

BS6 की फुल फॉर्म “Bharat Stage 6” होती है। हिन्दी में BS6 का पूरा नाम “भारत चरण VI” है।

बीएस-6 क्या है (What is BS6 in Hindi)

भारत स्टेज 6 (BS6) या भारत स्टेज VI (BS VI) एक तरह का उत्सर्जन मानक है। BS6 भारत सरकार द्वारा तैयार एक उत्सर्जन मानक का मानदंड है, इसका मुख्य कार्य मोटर वाहन से उत्पन्न वायु प्रदूषकों के उत्पादन को विनियमित करना है। BS6 BS4 का ही नया version है, इसके द्वारा उत्सर्जित जहरीली गैसों की मात्रा भारत स्टेज 4 की तुलना में बहुत कम होती है।

साधारण शब्दों में कहें तो BS6 वाहन उत्सर्जन द्वारा उत्सर्जित गैसों के कारण बढ़ते वायु प्रदुषण के खिलाफ छठा शासनादेश है, जो कि यूरोपीय संघ के उत्सर्जन मानक यूरो 6 से बहुत मिलता-जुलता है।

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BS6 से होने वाले फायदे क्या है?

BS6 का लागु करने का मुख्य कारण वाहनों द्वारा निकलने वाले हानिकारक कणों पर नियन्त्रण पाकर उनसे होने वाले प्रदुषण को रोकना है। बीएस-6 इंजन से निकलने वाली नाइट्रोजन ऑक्साइड के स्तर को क्रमशः 70% और 25% कम किया जा सकता है। इससे वाहनों से निकलने वाली प्रदुषण के कण की मात्रा में भारी कमी आएगी, जो कि वायु प्रदूषण को 75 फीसदी तक कम करेगा।

BS6 की सामने मुख्य चुनौती क्या हैं?

एक तरफ जहाँ BS6 के कारण ग्राहकों को कई फायदे प्राप्त होंगे। वहीं दूसरी ओर यह कार निर्माताओं के लिए एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम है, क्योंकि April 2020 से भारत की Supreme Court ने भारत में BS4 vehicles की बिक्री पर रोक लगा दी है। BS4 का नया वर्जन BS6 आने के कारण कार निर्माताओं की बिक्री में अचानक गिरावट हुई है और अब वह BS6 compliant vehicles बनाने में लगे है।

यही नहीं बल्कि गैर-अनुपालन होने के कारण Diesel engine की बिक्री में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। BS6 अपग्रेड के साथ फ्यूल संगत इंजन्स बनाने के कारण कार निर्माण में लगने वाली लागत में भी वृद्धि हुई है। परिणामस्वरूप कार की कीमतों में भी लगभग 10%-15% की वृद्धि हुई है।

क्या BS6 वाहन में BS4 वाहन का ईंधन इस्तेमाल किया जा सकता है?

कई बार लोगों के मन में यह ख्याल आता है कि क्या BS6 इंजन्स वाले वाहन में BS4 वाहन का ईंधन इस्तेमाल कर सकते है। क्या इससे वाहन खराब होने की आशंका है। इसका कोई सटीक जवाब तो नहीं है, लेकिन अगर आप एक डीजल वाहन का उपयोग करते है, तो समस्या उत्पन्न होने की सम्भावना है। क्योंकि BS6 डीजल में केवल 10 ppm की Sulphur traces पाए जाते हैं, जबकि BS4 डीजल में 50 ppm Sulphur traces पाए जाते है। ऐसे में यदि आप BS6 इंजन वाले वाहन में BS4 वाहन का ईंधन इस्तेमाल करते हैं, तो इससे आपके ईंधन का खर्चा बढ़ सकता है। आइये अब जानते हैं की क्या  BS4 वाहन में BS6 ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं?

क्या BS4 वाहन में BS6 ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकता है?

अक्सर लोगों के मन में यह भी सवाल उठता है कि क्या BS4 वाहन में BS6 ईंधन का इस्तेमाल कर सकते है? क्या ऐसा करने से वाहनों पर कोई बुरा प्रभाव पड़ेगा। जैसा कि हमने पहले भी बताया कि यदि आप पेट्रोल कार का उपयोग करते है, तो समस्या की कोई बात ही नहीं है, क्योंकि BS4 पेट्रोल और BS6 पेट्रोल में काफी समानता है।लेकिन यदि BS4 डीजल में पाए जाने वाले सल्फर ट्रेस BS6 की तुलना में बहुत ज्यादा है। सल्फर ट्रेस की मात्रा कम होना वातावरण के लिए लाभकारी है।

क्या BS4 व्हीकल्स अब बैन कर दिया गया है?

जी हाँ, अक्टूबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया था, कि अप्रैल 2020 के बाद से BS4 व्हीकल्स की बिक्री पर बैन लगा दिया जायेगा। साथ ही यह चेतावनी भी दी थी कि सभी कार निर्माता को अपने स्टॉक में उपलब्ध BS4 vehicles को बताये गए समय से पहले खत्म करना होगा। इस तरह अब BS4 व्हीकल्स पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है।

BS6 और BS4 में क्या अन्तर है (Difference Between BS4 and BS6 in Hindi)

स्वच्छ वातावरण के लिए और ग्लोबल वार्मिंग के बारे में बढ़ती चिंताओं को दूर करने के लिए, भारत सरकार ने बीएस 6 प्रदूषण मानदंडों को 1 अप्रैल 2022 से सम्पूर्ण भारत देश में लागु कर दिया है। नीचे कुछ बिंदु बताए गए है, जिनके आधार पर आप BS6 और BS4 के मानदंडों के बीच अन्तर कर सकते है।

  • BS6 और BS4 दोनों ही मोटर वाहन से उत्पन्न वायु प्रदूषकों के उत्पादन उत्सर्जन के मानदंड है, लेकिन BS6 उत्सर्जन मानक BS4 की तुलना में अधिक सख्त है। 
  • BS4 अर्थात् BS IV उत्सर्जन मानदंडों की तुलना में BS6 अर्थात् BS VI छठा उत्सर्जन मानदंड है, जो प्रदूषण स्तर को कम करने का काम करता है। BS4 इंजन वाले वाहनों की तुलना में BS6 इंजन वाले वाहनों में काफी सारे मानदंडों में भारी मात्रा में परिवर्तन किया गया है, जिनके कारण प्रदूषण में भारी कमी आई है।
  • BS6 में मोटर वाहन द्वारा उत्सर्जित नाइट्रोजन ऑक्साइड (NO2) के मानदंड को 60mg/km तक सीमित रखा है, जबकि BS4 में यह 80mg/km था। 
  • BS6 इंजन वाले डीजल वाहनों में BS 4 इंजन वाले डीजल वाहनों में NOx के मानदंड को 250mg/km से घटाकर 80mg/km कर दिया है।
  • वही BS4 की तुलना में BS6 इंजन वाले वाहनों में HC+NOx का स्तर 300mg/km से घटाकर 170mg/km कर दिया गया है।
  • PM स्तर को 25mg/km से घटाकर 4.5mg/km कर दिया गया है।
  • BS6 ईंधन में सल्फर की मात्रा 10 पीपीएम होती है, जो कि BS4 इंजन की तुलना में पांच गुना कम है। BS4 ईंधन में सल्फर की मात्रा 50 पीपीएम थी।
  • BS6 के डीजल और पेट्रोल इंजन के लिए नाइट्रोजन ऑक्साइड 70% और 25% (नाइट्रोजन ऑक्साइड के लिए, डीजल और पेट्रोल इंजन के लिए अनुमत स्तर क्रमशः 70% और 25% कम किया गया है।)
  • BS6 उत्सर्जन मानदंड केवल मोटर वाहनों के लिए ही नहीं बल्कि ईंधन के वितरण के लिए भी है। पेट्रोल और डीजल में सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। BS4 की तुलना में BS6 ईंधन में सल्फर और NOx कम होता है। 
  • इंजन के अंदर उचित स्नेहन के लिए सल्फर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालाँकि, BS6 ईंधन के लिए, BS4 ईंधन की तुलना में सल्फर कम है। इसे एडिटिव्स के साथ संबोधित किया जाता है जो चिकनाई एजेंटों के रूप में कार्य करता है।
  • BSVI मानदंडों के साथ, BS6 मोटर वाहन के उत्सर्जन स्तरों का आकलन करने के लिए सेलेक्टिव कैटेलिटिक रिडक्शन (SCR) और डीजल पार्टिकुलेट फ़िल्टर (DPF) को शामिल किया गया है, जबकि यह BS4 उत्सर्जन मानदंडों का हिस्सा नहीं था।
  • वास्तविक ड्राइविंग उत्सर्जन (RDE) को भी BS6 मानदंडों में पेश किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मोटर वाहन से होने वाले उत्सर्जन को वास्तविक समय के आधार पर मापा जाता है। यह BS4 मानदंडों का हिस्सा नहीं था।
  • BS6 मानदंडों के अलावा ऑनबोर्ड डायग्नोस्टिक (OD) है जो BS4 मानदंडों में अनिवार्य नहीं है।
  • BS4 ईंधन का उपयोग करने वाला BS6 वाहन उच्च स्तर के कारण आवश्यक उत्सर्जन मानदंडों का पालन नहीं करेगा। इसलिए, एक BS6 वाहन को वांछित उत्सर्जन स्तर प्राप्त करने के लिए केवल BS6 ईंधन का उपयोग करना पड़ता है।
  • बीएस6 उत्सर्जन व्यवस्था में पेट्रोल वाहनों के लिए पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) को 4.5mg/km तक सीमित कर दिया गया है।

भारत में उपलब्ध टॉप BS6 इंजन वाले वाहन कौनसे है?

1 अप्रैल, 2020 से भारत सरकार ने उन सभी वाहनों पर बैन लगा दिया है, जो कि स्वच्छ भारत स्टेज 6 (BS6) उत्सर्जन मानदंडों को पूरा नहीं करती है। जैसा कि हमने पहले बताया BS6 इंजनों का इस्तेमाल न केवल चार पहिया वाहनों में बल्कि दुपहिया वाहनों में भी किया जाता है। यहाँ हमने भारत में उपलब्ध टॉप BS6 इंजन वाले वाहनों के बारे में जानकारी दी है, जिनमें चार पहिया और दुपहिया दोनों प्रकार के वाहन सम्मिलित है।

भारत में उपलब्ध टॉप BS6 कारें (Top BS6 Cars in India)

वर्तमान में भारत के मार्केट में 200 से ऊपर के लगभग BS6 कारें उपलब्ध है। इनमें छोटे से लेकर बड़े-बड़े ब्रांड की गाड़िया शामिल है। इन्हें हमने ब्राण्ड, फ्यूल, बॉडीटाइप आदि के आधार पर अलग-अलग श्रेणी में बॉंटा है। इनके आधार पर आप आसानी से अपने लिए एक BS6 कार का चयन कर सकते है। भारत में उपलब्ध टॉप BS6 Cars निम्नलिखित है।

ब्राण्ड के आधार पर

Maruti, Hyundai, Tata, Mahindra, Kia, Mercedes-Benz, Renault, Honda, MG और Nissan ब्राण्ड की कारें भारत की टॉप BS6 कारों में शामिल है। इनमें Maruti Suzuki, Maruti Brezza, Mahindra Thar, Mahindra XUV700, Kia Seltos, Mahindra Bolero Power Plus, Tata Nexon जैसे मॉडल शामिल है।

ईंधन के आधार पर

वहीं अगर आप ईंधन के आधार पर BS6 कारों का चयन करना चाहते है तो आपको डीजल और पेट्रोल से चलने वाली कारों को ज्यादा महत्व देना होगा।

मॉडल के आधार पर

अगर आप Bodytype के आधार पर BS6 कारों का चयन करना चाहते है तो इनमें Hatchback, Sedan, SUV की कारें टॉप पर आती है।

व्हील ड्राइव के आधार पर

वहीं अगर आप व्हील ड्राइव के आधार पर वाहनों का चुनाव करते हैं, तो आपके लिए FWD, RWD, 4WD और AWD एक अच्छा ऑप्शन है।

ऊपर हमने टॉप BS6 Cars के बारे में बताया है। अब आइये जानते है, भारत में उपलब्ध BS6 इंजन वाले टॉप दुपहिया कौन-कौन से है।

भारत में उपलब्ध टॉप BS6 दुपहिया वाहन (Top BS6 Two Wheelers in India)

BS6 Engine वाला पहला दुपहिया वाहन एक स्कूटर Honda Activa 125 था। भारत में उपलब्ध BS6 इंजन वाले टॉप दुपहिया वाहन जैसे मोटरसाईकल और स्कूटर निम्नलिखित है।

  • Hero Splendor iSmart 110
  • Honda SP 125
  • Yamaha FZ V 3.0
  • Yamaha FZ S V 3.0
  • Jawa Perak
  • Royal Enfield Classic 350 BS6
  • KTM 390 Duke
  • KTM 250 Duke
  • KTM 390 Adventure
  • Harley Davidson Street 750
  • TVS Star City Plus
  • Hero Passion XPro
  • Jawa
  • BS6 Suzuki Access 125
  • Yamaha FZS-FI V3 BS6
  • Yamaha YZF R15 V3 BS6
  • Yamaha Fascino 125
  • TVS Apache RTR 160 BS6
  • Royal Enfield Himalayan BS6
  • Honda SP 125
  • BS6 TVS Apache RTR 160 4V
  • Hero HF Deluxe BS6
  • Hero Splendor iSmart BS6
  • Jawa 42
  • Honda Activa 125
  • Honda Activa 6G
  • Honda Activa 125 BS6
  • BS6 TVS Jupiter

FAQ: BS6 से जुड़े सवाल-जवाब

BS6 और BS4 क्या है?

BS6 और BS4 दोनों अधिकतम उत्सर्जन मानदंड हैं जो मोटर वाहन से उत्सर्जित से अधिकतम प्रदूषण निर्धारित करते है।

BS6 मानक का मुख्य उद्देश्य क्या है?

बीएस-6 मानक का मुख्य उद्देश्य वाहनों से निकलने वाली हानिकारक गैसों पर नियत्रंण पाना है।

भारत में BS6 कब लागु किया गया?

अप्रैल, 2020 से भारतीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशनुसार सम्पूर्ण भारत में BS6 मानक लागु कर दिया है।

BS6 इंजन अन्य इंजन के मुकाबले किस प्रकार अलग होंगे?

BS6 इंजन वाले वाहनों में इंजन के अन्दर अलग से फिल्टर सेट किए जाएंगे, जो कि इंजन से निकलने वाली हानिकारक गैस नाइट्रोजन ऑक्साइड पर नियन्त्रण करेंगे।

क्या BS6 ईंधन, BS4 ईंधन की तुलना में अधिक महंगा होता है?

BS6 और BS4 ईंधन की कीमतों में कोई खास अन्तर नहीं है। हालाँकि इनमें समय के साथ थोड़ा सा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Conclusion

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