E-Governance क्या है – पूरी जानकारी हिंदी में।

You are currently viewing E-Governance क्या है – पूरी जानकारी हिंदी में।

क्या आप जानते है, ई गवर्नेंस क्या है? अगर नहीं तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है। इस आर्टिकल में आपको E Governance in Hindi के बारे में सभी जानकारी दी गई है। आज के डिजिटल युग में कोई व्यक्ति हो अथवा देश हर कोई डिजिटल होना चाहता है। कई देश पहले ही ई गवर्नेंस सिस्टम को अपना चुके हैं और अब भारत सरकार भी धीरे-धीरे इसे अपने सिस्टम में शामिल कर रही है।

दोस्तों e-governance system लागु होने से आम जनता को सरकारी कामों को करने में बहुत आसानी होती है। पहले जहाँ आपको एक काम के लिए कई बार दफ्तरों की चक्कर लगाने पड़ते थे, ई गवर्नेंस शासन लागु होने के बाद आप वह सभी काम घर बैठे ही कर सकते हैं। जिस काम को करने में आपको पहले घंटों लग जाते थे, ई गवर्नेंस शासन लागु होने के बाद आप उसे बस कुछ मिनटों में कर सकते हैं।

इससे आम जनता के जीवन की कई सारी परेशानियाँ दूर हो जाती है। अगर आप भी इन सुविधाओं का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपके लिए इस आर्टिकल में दी हुई जानकारी बेहद आवश्यक है। लेकिन इससे पहले कि हम E-Governance Kya Hai के बारे में जाने इससे पहले आपको ई गवर्नेंस की फुल फॉर्म पता होनी चाहिए। तो आइये अब जानते है, E-Governance की फुल फॉर्म क्या है?

Content
 [hide]

E-Governance Full Form क्या है?

E Governance की फुल फॉर्म “Electronic governance” होती है।

ई-गवर्नेंस का हिंदी अर्थ क्या है (E Governance hindi meaning)

ई-गवर्नेंस का हिन्दी अर्थ “ई शासन” होता है।

E-Governance क्या है (What is E-Governance in Hindi)

E Governance शब्द में “E” शब्द का सम्बन्ध ‘इलेक्ट्रॉनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी’ व “Governance” शब्द का अर्थ शासन से है, अर्थात ई गवर्नेंस शब्द से तात्पर्य किसी देश के ऐसे शासन से है, जहाँ सरकार अपने कार्यों को करने के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तकनीक का उपयोग करती है। इसका मूल उद्देश्य सरकारी कार्यालयों तक आम जनता की पहुंच आसान बनाकर उनका कल्याण करना व शासन में पारदर्शिता लाना है।

ई गवर्नेंस के इस दौर में आप चाहे किसी तरह का बिल हो (जैसे बिजली बिल, पानी बिल, बीमा बिल, फोन बिल या इनकम टेक्स रिटर्न फाइल करना हो), किसी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन करना हो (जैसे आय-जाति निवास प्रमाणपत्र, मूल निवास प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र आदि), कोई सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करना हो या किसी सरकारी योजना का लाभ उठाने हेतु फॉर्म भरना हो अथवा कोई अन्य काम हो आप इंटरनेट के द्वारा घर बैठे बड़ी आसानी से कर सकते हैं। नेशनल ई गवर्नेंस प्रोग्राम (NEGP) के तहत आज देश की केंद्र सरकार और राज्य सरकार के विभिन्न विभाग आम जनता को इंटरनेट के द्वारा सेवाएं प्रदान कर रहे है।

Types of E-Governance in Hindi

ई गवर्नेंस में सहभागिता के प्रकार कौन-कौनसे है ?

E Governance सिस्टम को विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है।

G2G (Government to Government)

G2G से तात्पर्य ”सरकार से सरकार” से है। जब एक सरकारी विभाग से दूसरे सरकारी विभाग के बीच सूचनाओं और सेवाओं का आदान-प्रदान किया जाता है तो इसे गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट अर्थात G2G श्रेणी में शामिल किया जाता है। इस तरह की क्रियाएं देश की सरकार के विभिन्न स्तरों जैसे राष्ट्रीय, प्रांतीय और स्थानीय सरकारी एजेंसियों तथा संगठन के भीतर हो सकती हैं। इनका मुख्य उद्देश्य कार्य निष्पादन क्षमता और उत्पादन बढ़ोतरी करना होता है।

G2C (Government to Citizen)

यहाँ G2C से तात्पर्य “सरकार से नागरिक” के मध्य होने वाली गतिविधियों से है। जब सरकारी विभाग और आम जनता के मध्य होने वाली क्रियाओं अथवा सूचनाओं और सेवाओं का आदान-प्रदान को गवर्नमेंट टू सिटीजन अर्थात G2C श्रेणी में शामिल किया जाता है। उदाहरण के लिए जनता द्वारा किसी सरकारी विभाग में शिकायत दर्ज करना, किसी भी तरह का बिल जमा करना या सरकार द्वारा जनता को किसी तरह की सेवाएं देना आदि। इसके अन्तर्गत आम नागरिक कहीं भी, कभी भी सरकारी नीतियों पर अपने विचारों और शिकायतों को प्रकट करने की स्वतंत्रता प्राप्त है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार तक जनता की पहुंच को बढ़ाना और उनमें सरकार इ प्रति विश्वास को बढ़ाना है।

G2B (Government to Business)

G2B का अर्थ सरकार से व्यापार से होता है, अर्थात् जब सरकार व व्यापार से संबंधित व्यक्तियों अथवा संस्थाओं के मध्य कोई क्रिया होती है तो इसे गवर्नमेंट टू बिजनेस अर्थात G2B श्रेणी में शामिल किया जाता है। सीमा एवं उत्पाद शुल्क संबंधी प्रकरण, लाइसेंसीकरण, परमिट अथवा ऑनलाइन ट्रेडिंग आदि सभी इसी के उदाहरण है।

G2E (Government to Employees)

G2E से तात्पर्य सरकार से कर्मचारी तक से है। जब सरकार और सरकारी कर्मचारियों के मध्य कोई क्रिया होती है तो उसे गवर्नमेंट टू इम्पलॉयी अर्थात G2E श्रेणी में शामिल किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के लाभों को बढ़ाकर उन्हें संतुष्ट करना और सरकार व उनके कर्मचारियों के मध्य एक कुशल सम्पर्क स्थापित करने से है।

E-Governance Portal द्वारा दी जाने वाली ऑनलाइन सेवाएं कौन-कौनसी है?

राष्ट्रीय E-Governance योजना (NEGP) के तहत निम्नलिखित सेवाएं Online उपलब्ध कराई जाती है।

ई नागरिक सेवाएं

ई नागरिक सेवाएं अथवा ऑनलाइन नागरिक सेवाएं ई गवर्नेंस का एक महत्वपूर्ण भाग है। इन सेवाओं के ऑनलाइन होने से आम जनता को बहुत फायदा हुआ है। ई नागरिक सेवाएं में उपलब्ध सेवाएं निम्नलिखित है।

  • आधार कार्ड बनवाने हेतु आवेदन करना हो अथवा उसमें बदलाव करना हो।
  • ऑनलाईन पासपोर्ट के लिए आवेदन करें।
  • ऑनलाईन पेन कार्ड के लिए आवेदन करने हेतु।
  • ऑनलाइन आयकर रिटर्न फाइल करना हो।
  • मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाना हो या मतदाता सूची में अपना नाम खोजना हो।
  • मनरेगा के अंतर्गत आवेदन करने हेतु आदि।

इनके अलावा भी कई सारी सेवाएं है जो ई नागरिक सेवाओ में शामिल है।

ई-शैक्षिक सेवाएं

e-learning अर्थात online learning भी ई गवर्नेंस का एक महत्वपूर्ण भाग है। इस क्षेत्र के अन्तर्गत सरकार द्वारा विद्यार्थियों को अच्छे अवसर प्रदान करने हेतु निम्न सेवाओं का संचालन किया जाता है। इस क्षेत्र में सरकार ने e-education व डिजिटल लाईब्रेरी जैसी कई योजनाओं के जरिए छात्रों को लाभ पहुंचाया है।

  • छात्र किसी भी परीक्षा हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • परीक्षाओं के क्रियान्वयन एवं मूल्यांकन हेतु।
  • अपने परीक्षा का परिणाम व प्रवेश पत्र भी ऑनलाइन देख सकते हैं।
  • छात्र एन.सी.ई.आर.टी की पुस्तक ऑनलाइन डाउनलोड करें।
  • यही नहीं भारत सरकार ने छात्रों के लिए e-लाइब्रेरी भी शुरू की है।
  • जहाँ छात्रों के लिए फ्री में लाखों बुक्स उपलब्ध है।
  • भारतीय शैक्षणिक संस्थान से जुड़ी सभी जानकारी उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।
  • छात्र अपनी छात्रवृत्ति के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • छात्र अपनी उच्च शिक्षा के लिए ऑनलाइन ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं।

ई-शिकायत निवारण सेवाएं

सरकार ने आम जनता की परेशानियों को जानने और समझने के लिए भी कई प्रयास किये हैं। विभिन्न प्रकार की शिकायतों के लिए अलग-अलग पोर्टल उपलब्ध है, जहाँ आप निम्न शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।

  • बैंक संबंधी शिकायत।
  • किसी भी सरकारी अधिकारी की शिकायत।
  • एनआरईजीएसः शिकायत।
  • आर.टी.आई कानून के तहत उपभोक्ता शिकायत।
  • महिला आयोग से सम्बन्धित शिकायत।
  • मानवाधिकार आयोग से सम्बन्धित शिकायत आदि।

ई-परिवहन सेवाएं

भारत सरकार द्वारा संचालित की जा रही ई-परिवहन सेवाओं में हवाई, रेल और सड़क परिवहन आदि से संबंधित क्षेत्र में उपलब्ध सेवाएं निम्नलिखित है।

  • ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग।
  • ऑनलाइन बस टिकट बुकिंग।
  • दो स्टेशनों के बीच उपलब्ध रेल सेवाएं।
  • रेल एस.एम.एस सेवा।
  • रेल भाड़ा व आरक्षण सुविधा।
  • पीएनआर स्थिति की जाँच आदि।

ई-ग्रामीण सेवाएं

भारत की अधिकतम जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्र में रहती है। इस क्षेत्र से जुड़ी अधिकतर क्रियाओं के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अन्तर्गत आप विभिन्न ई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

  • ग्रामीण अधिवास से सम्बन्धित सूचना।
  • ग्रामीण विकास से सम्बन्धित सरकारी योजनाएँ जानें।
  • ग्राम पंचायत से सम्बन्धित कार्य।
  • पी.एम.जी.एस योजना के सम्बन्ध में जानकारी आदि।

कृषि क्षेत्र में E-governance सेवाएं

भारत की अधिकतर जनता गावों में रहती है और कृषि पर निर्भर है। इसलिए कृषि भी सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। सरकार ने किसानों के लिए कई ऑनलाइन पोर्टल बनाए है। कृषि क्षेत्र में e-governance द्वारा किये गए कुछ प्रयास निम्नलिखित है।

  • किसान अपना मुआवजा सीधे अपने बैंक अकाउंट में प्राप्त कर सकते हैं।
  • बाजार या मंडी में विभिन्न फसलों से सम्बन्धित बाजार भाव का पता कर सकते हैं।
  • युवाओं को कृषि से जोड़ने के लिए भी सरकार ने कई ऑनलाइन योजनाओं का निर्माण किया है।
  • मोबाइल एप्प और ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किये हैं, जिनके माध्यम से किसान मौसम के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

ई-डाक और संचार सेवाएं

भारत सरकार की डाक और दूरसंचार विभाग सेवा सबसे पुरानी सेवाओं में से एक है। लेकिन समय के साथ इस विभाग ने भी नई तकनीकों को अपनाते हुए अपनी सेवाओं को ऑनलाइन किया है।

  • त्वरित ई-पोस्ट सेवा।
  • त्वरित मनी ऑर्डर सेवा।
  • स्पीड पोस्ट स्थिति की नवीनतम जानकारी।
  • डाक खर्च की ऑनलाइन गणना।

आर्थिक क्षेत्र में E-governance सेवाएं

देश के आर्थिक क्षेत्र में भी सरकार द्वारा e-governance प्रणाली अपनाकर सामाजिक ढाँचे को मजबूत बनाने हेतु कई प्रयास किये गए हैं। इसमें आम जनता की आर्थिक जरूरतों के हिसाब से E- मंडी, दैनिक बाजार भाव सेवाएं उपलब्ध कराना, खरीदी, जीएसटी, बिक्री, पेमेंट व्यवस्था आदि सभी शामिल है।

सामाजिक संस्कृति(socio culture) सेवाएं

E-governance सिस्टम द्वारा सरकार ने सामाजिक स्तर पर भी कई योजनाओं का निर्माण कर उन्हें लागु किया है। देश में टूरिज्म को बढ़ावा देने और यहाँ की संस्कृति के प्रचार हेतु e-मीडिया व e-टूरिज्म जैसे योजनाओं का विकास किया है। सरकार ने वीजा व्यवस्था को सरल बनाने के लिए भी ई-पर्यटक Visa योजना बनाई है।

इन सभी के अलावा आप भारत के नेशनल पोर्टल के द्वारा भी भारत के जिलों राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों से सम्बन्धित राज्यसभा और लोकसभा सांसद की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार सरकार ने हर क्षेत्र में ई प्रणाली के माध्यम से अपने देश के विकास हेतु कई प्रयास किये हैं।

E-governance के उद्देश्य क्या है?

ई-गवर्नेंस का मुख्य उद्देश्य देश को विकासशील बनाना है। लेकिन इसके अलावा ओर भी बहुत सारे उद्देश्य है, जिनके लिए कोई देश ई-गवर्नेंस प्रणाली को अपनाता है। ऐसे ही कुछ उद्देश्य निम्नलिखित है।

  • सरकारी कामकाजों को सरल बनाना।
  • कम समय में सरकारी कामकाजों का निपटारा करना।
  • कम लागत में सरकारी कामकाजों का निपटारा करना।
  • देश के नागरिकों को बेहतर सेवा प्रदान करना।
  • सरकारी कामों में पारदर्शिता लाना।
  • सरकारी ढाँचों बढ़ रहे भ्रष्टाचार को रोकना।
  • सूचना एवं सम्प्रेषण प्रौद्योगिकी का विकास करना।
  • सरकार के प्रति लोगों के विश्वास में वृद्धि करना।
  • सरकारी शासन दक्षता में सुधार करना।
  • सभी दस्तावेजों को सुव्यवस्थित रखना।
  • जनता को दलाल अथवा बिचौलियों के शोषण से मुक्त करना।

ई-शासन से लाभ क्या है?

ई-गवर्नेंस सिस्टम के लागु होने से जनता और सरकार दोनों को ही बहुत सारे फायदे प्राप्त होते है। आइये जानते है इन्हीं फायदों के बारे में।

  • ई गवर्नेंस शासन में व्यक्ति को सरकारी दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं होती है, आप कहीं से भी अपना काम कर सकते हैं। इस तरह यह आपके समय की भी बचत करता है।
  • ई गवर्नेंस सिस्टम में सभी काम इंटरनेट पर होने के कारण कार्य में पारदर्शिता रहती है और भ्रष्टाचार में कमी आती है। इस कारण जनता का विश्वास सरकार में बढ़ता है।
  • ई गवर्नेंस में सभी काम कम्प्यूटर द्वारा किया जाता है तो इसमें गलती होने की गुंजाइश नहीं रहती है।
  • ई गवर्नेंस सिस्टम के होने से जनता को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थी को सीधा मिलता है और इससे बीच में आने वाले बिचौलिये या दलाल की संख्या में भी कमी आती है।
  • ई गवर्नेंस में सभी काम कम्प्यूटर द्वारा किया जाता है तो इसमें गलती होने की गुंजाइश नहीं रहती है।ई गवर्नेंस सिस्टम में कार्य करने की लागत में भी कमी आती है। सरकार का अधिकांश खर्चा कागजों में होता था, लेकिन ई शासन के अन्तर्गत सभी काम इंटरनेट से किए जाते है। इसके अलावा उन कागजों को जनता तक पहुंचाने के लिए भी पैसा खर्चा करना पड़ता था। यह सभी काम इंटरनेट से होने के कारण इन सभी खर्चों में कमी आई है।
  • ई गवर्नेंस सिस्टम में सभी आंकड़े इंटरनेट पर उपलब्ध रहते है। सरकार जब चाहे इन आंकड़ों का विश्लेषण कर सकती है।
  • इन आकड़ों के आधार पर सरकार को विभिन्न योजनाएँ और नीतियाँ बनाने में भी आसानी होती है।
  • सभी दस्तावेज सिस्टम में सेव रहती है और दस्तावेज सुरक्षित रहते है। जबकि कागज के दस्तावेज होने पर उनके नष्ट होने की सम्भावना रहती है।
  • सभी दस्तावेजों की प्रतिलिपियां सिस्टम में सेव रहती है। यदि कभी भविष्य में जरूरत पड़े तो इन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
  • कर्मचारियों द्वारा किये गए कार्यों का आसानी से मूल्यांकन किया जा सकता है और उन पर नियंत्रण रखना भी आसान होता है।
  • ई गवर्नेंस सिस्टम सरकार तक आम जनता की पहुंच को आसान बनाता है।
  • ई शासन सिस्टम में युवाओं के लिए भी नए व्यवसाय और नए अवसरों का सृजन होता है।

ई-गवर्नेंस में बाधक तत्व कौनसे है?

ई-गवर्नेंस में कुछ बाधक तत्व भी होते है, जिनके कारण जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नीचे हमने कुछ ऐसे ही बाधक तत्वों के बारे में बताया है।

नेटवर्क

ई गवर्नेंस सिस्टम में सभी काम इंटरनेट के द्वारा किए जाते है। ऐसे क्षेत्र जहां नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, वहाँ ई गवर्नेंस सिस्टम का कोई फायदा नहीं।

सर्वर

ई-गवर्नेंस के लिए सर्वर भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना की नेटवर्क। आपने देखा कई बार देखा होगा कि अक्सर जब कई लोग एक साथ किसी वेबसाइट को ओपन करते है तो उस वेबसाइट के सर्वर डाउन हो जाता है।

लागत

ई गवर्नेंस सिस्टम में नई योजनाओं को जारी करने में और फिर उन योजनाओं के कार्यान्वयन में भारी लागत आती है।

सुरक्षा और गोपनीयता

यदि कोई हैकर ई गवर्नेंस सिस्टम को हैक कर जानकारी चुरा ले तो यह बड़ा खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार डेटा लीक होने के ऐसे मामले सामने आएं है।

साक्षरता की कमी

कई लोग जो जागरूक नही है और जिनमें साक्षरता की कमी है, वह सरकार द्वारा ई गवर्नेंस सिस्टम के तहत दी जाने वाली सेवाओं से वंचित रह जाते है। इसलिए ई गवर्नेंस सेवाओं का लाभ उठाने वाले लोगों की संख्या की तुलना में इन लाभों से वंचित रहने वालो की संख्या बहुत अधिक है।

डिजिटल डिवाइड

ई-गवर्नेंस सिस्टम में योजनाओं का निर्माण करते समय उन्हें क्रियान्वित करते समय जनसंख्या का डिजिटल विभाजन पुरुष-महिला, शहरी-ग्रामीण, अमीर-गरीब आदि के आधार पर किया जाता है और उसी आधार पर उन्हें लाभ प्राप्त होता है। कई बार यह आकड़े गलत भी हो सकते है।

FAQ: E-Governance से जुड़े सवाल-जवाब

ई-गवर्नेंस क्या है?

ऐसी सरकार जिसमें सभी काम इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन किए जाते है, ई-गवर्नेंस कहलाती है।

ई-गवर्नेंस की शुरुआत कब हुई?

ई-गवर्नेंस की शुरुआत 18 मई, 2006 को हुई थी।

ई-गवर्नेंस की शुरुआत किसने की?

ई गवर्नेंस की शुरुआत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (एनईजीपी), सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीआईटी) और प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआर एंड पीजी) की गई है।

ई-गवर्नेंस का उपयोग किसके लिए किया जा सकता है?

ई-गवर्नेंस का उपयोग राशन कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट जाति प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र से सम्बन्धित कार्यों को ऑनलाइन करने के अलावा टेलीफोन, मोबाइल, डीटीएच रिचार्ज करने बिजली, पानी आदि बिलों को भरने और आयकर रिटर्न दाखिल करने जैसे सभी कार्य ऑनलाइन किए जा सकते हैं।

Conclusion

इस तरह ई-गवर्नेंस जनता को सूचना और संचार के माध्यम से सेवाओं, संचालन, योजनाओं का लाभ उठाने में सहायता प्रदान करता है। इसमें सभी काम ऑनलाइन किए जाते है। अब आम जनता को कोई भी सरकारी काम करवाने के लिए लाईन में खड़े होकर घण्टों इन्तजार करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। तो दोस्तों आपको समझ गया होगा, E-Governance Kya Hai.

ई-गवर्नेंस के अन्तर्गत सरकार द्वारा कई ई कार्यक्रम चलाए गए है और इनमें सफलता भी मिली है। लेकिन कई क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा नहीं होने के कारण वहां के लोगों इन सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते है। भविष्य में 5-जी तकनीक की सहायता से इसके ओर भी अच्छे परिणाम प्राप्त होने की सम्भावना है। आपको आर्टिकल कैसा लगा कमेन्ट करके जरूर बताए।

Leave a Reply